May 25, 2019, 02:30:44 AM

Author Topic: बगलामुखी मंत्र प्रयोग बगलामुखी एकाक्षरी मंत्र  (Read 1354 times)

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बगलामुखी मंत्र प्रयोग
●बगलामुखी एकाक्षरी मंत्र –
❄|| ह्लीं ||❄
इसे स्थिर माया कहते हैं । यह मंत्र दक्षिण आम्नाय का है ।
दक्षिणाम्नाय में बगलामुखी के दो भुजायें हैं ।
अन्य बीज “ह्रीं” का उल्लेख भी बगलामुखी के मंत्रों में आता है, इसे “भुवन-माया” भी कहते हैं ।
चतुर्भुज रुप में यह विद्या विपरीत गायत्री (ब्रह्मास्त्र विद्या) बन जाती है ।
ह्रीं बीज-युक्त अथवा चतुर्भुज ध्यान में बगलामुखी उत्तराम्नाय या उर्ध्वाम्नायात्मिका होती है । ह्ल्रीं बीज का उल्लेख ३६ अक्षर मंत्र में होता है ।
(सांख्यायन तन्त्र)
❄विनियोगः- ॐ अस्य एकाक्षरी बगला मंत्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, गायत्री छन्दः, बगलामुखी देवता, लं बीजं, ह्रीं शक्तिः ईं कीलकं, सर्वार्थ सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।
❄ऋष्यादि-न्यासः- ब्रह्मा ऋषये नमः शिरसि, गायत्री छन्दसे नमः मुखे, बगलामुखी देवतायै नमः हृदि, लं बीजाय नमः गुह्ये, ह्रीं शक्तये नमः पादयो, ईं कीलकाय नमः नाभौ, सर्वार्थ सिद्धयर्थे जपे विनियोगाय नमः सर्वांगे ।
❄षडङ्ग-न्यास
कर-न्यास
अंग-न्यास
ह्लां अंगुष्ठाभ्यां नमः
- - -हृदयाय नमः
ह्लीं तर्जनीभ्यां नमः
--- शिरसे स्वाहा
ह्लूं मध्यमाभ्यां नमः
--- शिखायै वषट्
ह्लैं अनामिकाभ्यां नमः
----कवचाय हुं
ह्लौं कनिष्ठिकाभ्यां नमः
-----नेत्र-त्रयाय वौषट्
ह्लः करतल-कर-पृष्ठाभ्यां नमः
-----अस्त्राय फट्
❄ध्यानः- हाथ में पीले फूल, पीले अक्षत और जल लेकर ‘ध्यान’ करे -
●वादीभूकति रंकति क्षिति-पतिः वैश्वानरः शीतति,
क्रोधी शान्तति दुर्जनः सुजनति क्षिप्रानुगः खञ्जति ।
गर्वी खर्वति सर्व-विच्च जड़ति त्वद्यन्त्रणा यन्त्रितः,
श्रीनित्ये ! बगलामुखि ! प्रतिदिनं कल्याणि ! तुभ्यं नमः ।।
❄एक लाख जप कर, पीत-पुष्पों से हवन करे, गुड़ोदक से दशांश तर्पण करे ।